रायबरेली। सतांव क्षेत्र के अटौरा बुजुर्ग एवं आसपास के गांवों में हरे पेड़ों के कटान का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। क्षेत्र में लगातार हो रहे पेड़ों के कटान को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है, जबकि जिम्मेदार विभागीय अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।
बताया जा रहा है कि बुधवार को फतेह बहादुर का पुरवा में दो हरे नीम के पेड़ काट दिए गए। वहीं इससे दो दिन पहले अटौरा बुजुर्ग ग्राम सभा के मजरे मछरिया में भी दो हरे नीम के पेड़ों पर आरी चलने का मामला सामने आया था। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में बिना किसी भय के हरे पेड़ों का कटान किया जा रहा है, लेकिन रोकथाम के लिए कोई प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है। लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।
अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर किसके संरक्षण में क्षेत्र में हरे पेड़ों का अवैध कटान जारी है और जिम्मेदार अधिकारी इस पर कब तक मौन रहेंगे? ग्रामीणों ने मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
क्या कहा जिम्मेदार अधिकारी ने
वही इस पूरी प्रकरण पर जब फॉरेस्ट डिप्टी रेंजर यूनुस खान से बात करी गई तो उन्होंने कहा मामला मेरे संज्ञान में नहीं था मामला अब संज्ञान में आया है इसकी में बंद दरोगा से जांच कर कर आवश्यक कार्रवाई करवाता हूं फिलहाल यह कोई पहली बार नहीं है इससे पूर्व मे भी लकड़ी के कटान लगातार चोरी छुपे मिली भगत से होते रहे हैं इस पर कार्रवाई के नाम पर केवल जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा इतिश्री कर ली जाती है और फिर से कुछ दिनों बाद वही काम धड़ल्ले से चालू हो जाता है फिलहाल अब देखने वाली बात यह होगी कि इस पूरे मामले पर जिम्मेदार अधिकारी क्या कार्रवाई करते हैं यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।
प्रतीक सिंह रिपोर्ट
Comments ()
No comments yet. Be the first to share your thoughts!