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गया के अध्ययन भ्रमण पर पहुंची संसदीय स्थायी समिति (परिवहन, पर्यटन एवं संस्कृति) के सदस्यों को बोधगया की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन विरासत से रूबरू कराया गया। समिति के सभापति संजय कुमार झा के नेतृत्व में सांसदों और समिति के सदस्यों ने विश्व धरोहर महाबोधि मंदिर में भगवान बुद्ध के दर्शन किए और पवित्र बोधि वृक्ष का अवलोकन किया। इसके बाद बोधगया के आईटीसी होटल में आयोजित विशेष सांस्कृतिक संध्या में बिहार की लोक संस्कृति, संगीत और नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियों ने सांसदों और अतिथियों का मन मोह लिया।
महाबोधि मंदिर में किए भगवान बुद्ध के दर्शन
गया अध्ययन भ्रमण पर पहुंचे संसदीय स्थायी समिति के सदस्यों ने महाबोधि मंदिर में भगवान बुद्ध की प्रतिमा के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने ज्ञान प्राप्ति स्थल और पवित्र बोधि वृक्ष का भी अवलोकन किया। समिति के सदस्यों को बोधि वृक्ष की ऐतिहासिक, धार्मिक और आध्यात्मिक महत्ता के बारे में जानकारी दी गई। सदस्यों ने बोधगया की वैश्विक बौद्ध विरासत और यहां देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों से जुड़े विभिन्न पहलुओं की भी जानकारी ली।
जिला प्रशासन ने किया भव्य स्वागत
महाबोधि मंदिर परिसर में जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर ने संसदीय स्थायी समिति के सभापति, सांसदों और समिति के सदस्यों का स्वागत किया। इस दौरान उन्हें भगवान बुद्ध की प्रतिमा और स्मृति-चिह्न भेंट किए गए। समिति के सदस्यों ने बोधगया के धार्मिक और पर्यटन महत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि बोधगया की वैश्विक पहचान को और मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जाने की जरूरत है। .ads-row{display:flex;gap:10px;flex-wrap:wrap;}
आईटीसी होटल में बिहार की संस्कृति ने बांधा समां
महाबोधि मंदिर में दर्शन के बाद बोधगया स्थित आईटीसी होटल में समिति के सम्मान में विशेष सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत बिहार गौरव गान से हुई। इसके बाद बिहार की समृद्ध लोक परंपराओं, कला, संगीत और सांस्कृतिक विरासत पर आधारित कई मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं। लोक कलाकारों ने लोकगीतों और लोकनृत्यों के जरिए बिहार की विविध सांस्कृतिक पहचान को मंच पर जीवंत कर दिया। प्रस्तुतियों ने वहां मौजूद सांसदों और अन्य अतिथियों का ध्यान अपनी ओर खींचा।
लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों की सांसदों ने की सराहना
सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान सांसदों और अतिथियों ने लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि बिहार की लोक संस्कृति और विरासत देश की अमूल्य धरोहर है। इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक पहचान दिलाने की जरूरत है। कार्यक्रम के अंत में सांसदों और अतिथियों ने कलाकारों का उत्साहवर्धन किया और उनकी प्रस्तुतियों की प्रशंसा की।
गया-बोधगया की विरासत से कराया जा रहा परिचय
संसदीय स्थायी समिति के अध्ययन भ्रमण का मुख्य उद्देश्य सदस्यों को गया और बोधगया की ऐतिहासिक, धार्मिक, पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराना है। इसी क्रम में जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों, सांस्कृतिक धरोहरों और उनकी खासियतों के बारे में समिति को विस्तृत जानकारी दी जा रही है। माना जा रहा है कि इस अध्ययन भ्रमण से गया और बोधगया के पर्यटन विकास को बढ़ावा देने और देशभर में इसकी पहचान को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।
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