रायबरेली में ऊंचाहार के एसडीएम विवेक राजपूत के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के आरोप में आगरा विजिलेंस ने मुकदमा दर्ज किया है। विजिलेंस की जांच में संबंधित अवधि में उनकी वैध आय करीब 38.87 लाख रुपये मिली, जबकि संपत्तियों के अर्जन और रखरखाव पर 1.09 करोड़ रुपये से अधिक खर्च पाया गया। जांच एजेंसी के अनुसार आय और व्यय के बीच करीब 70.92 लाख रुपये का अंतर मिला, जिसका संतोषजनक ब्योरा नहीं दिया जा सका। इसके बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई।
विजिलेंस सेक्टर आगरा के निरीक्षक रविशंकर पांडेय ने गुरुवार को रिपोर्ट दर्ज कराई। मामला फिरोजाबाद की सिरसागंज तहसील में विवेक राजपूत की तैनाती के दौरान सामने आए रुधैनी जमीन प्रकरण से जुड़ी जांच के क्रम में दर्ज हुआ है। हालांकि मौजूदा तैनाती को लेकर उनके खिलाफ किसी प्रशासनिक कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। एसडीएम का पक्ष जानने के लिए फोन पर संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन बात नहीं हो सकी।
फिरोजाबाद की सिरसागंज तहसील के चर्चित रुधैनी जमीन प्रकरण की जांच अब ऊंचाहार के एसडीएम विवेक राजपूत के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मुकदमे तक पहुंच गई है। जुलाई 2024 में रुधैनी गांव में करीब 75 बीघा जमीन से जुड़े मामले में शिकायत के बाद प्रारंभिक जांच हुई थी। इसमें जमीन के दस्तावेजों और नामांतरण प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे। इसके बाद तत्कालीन एसडीएम विवेक राजपूत, तहसीलदार का प्रभार संभाल रहे नायब तहसीलदार, कानूनगो समेत कई कर्मचारियों को निलंबित किया गया था। शासन ने बाद में मामले की जांच विजिलेंस को सौंप दी।
विजिलेंस ने जांच के दौरान विवेक राजपूत की आय, संपत्तियों के अर्जन और उनके रखरखाव से जुड़े अभिलेखों की पड़ताल की। रिपोर्ट के अनुसार जांच अवधि में उनकी कुल वैध आय करीब 38.87 लाख रुपये रही, जबकि संपत्तियों के अर्जन और रखरखाव पर 1.09 करोड़ रुपये से अधिक का व्यय पाया गया। एजेंसी ने दोनों के बीच करीब 70.92 लाख रुपये की अननुपातिक संपत्ति का दावा किया है। जांच एजेंसी ने आय और व्यय के अंतर को लेकर एसडीएम से स्पष्टीकरण मांगा था। विजिलेंस के अनुसार जवाब संतोषजनक नहीं मिला। इसके बाद शासन के निर्देश पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। विजिलेंस सेक्टर आगरा के निरीक्षक रविशंकर पांडेय की ओर से गुरुवार को मुकदमा दर्ज कराया गया।
विवेक राजपूत वर्तमान में ऊंचाहार तहसील में एसडीएम पद पर तैनात हैं। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज होने की जानकारी के बाद स्थानीय प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई। विजिलेंस की कार्रवाई में आय से अधिक संपत्ति का आरोप लगाया गया है। मुकदमा दर्ज होना आरोपों का अंतिम रूप से सिद्ध होना नहीं है। मामले की विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही आरोपों की अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।
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