महाराष्ट्र सरकार की बड़ी घोषणा
महाराष्ट्र सरकार ने पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर शेतकरी कर्जमुक्ती योजना 2026 के तहत किसानों का 2 लाख रुपये तक का कर्ज माफ करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सरकार ने सात जिलों के 533 पात्र किसानों की लिस्ट जारी की है। इस योजना पर सरकार 36,585 करोड़ रुपये खर्च करेगी और इससे राज्य के करीब 56 लाख किसान परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
कैसे मिलेगा लाभ?
सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटिल ने बताया कि पात्र किसानों को जल्द ही एसएमएस भेजा जाएगा। इसके बाद किसानों को आधार प्रमाणीकरण कराना होगा। वैरिफिकेशन पूरा होने के बाद लोन माफ करने का अमाउंट सीधे उनके लोन खाते में डीबीटी (डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर) के जरिए भेजा जाएगा।
ऑनलाइन पोर्टल और रजिस्ट्रेशन
योजना के लिए सरकार ने एक ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया है, जिसमें 53 बैंकों ने किसानों के लोन का डेटा अपलोड किया है। किसानों को पहले एग्रीस्टैक प्लेटफॉर्म पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसके बाद राज्यभर के करीब 32,000 सरकार सेवा केंद्रों पर जाकर आधार वैरिफिकेशन कराया जा सकेगा। लाभार्थियों की लिस्ट ग्राम पंचायत, सहकारी समिति और बैंक ब्रांच में भी लगाई जाएगी।
कौन नहीं ले सकता लाभ?
सरकार ने कुछ लोगों को इस योजना से बाहर रखा है। इनमें मौजूदा और पूर्व सांसद-विधायक, सरकारी और अर्द्धसरकारी कर्मचारी, स्थानीय निकायों के पदाधिकारी, कृषि के अलावा अन्य इनकम पर इनकम टैक्स देने वाले लोग, जिला सहकारी बैंक, चीनी मिल, दुग्ध संघ और कृषि उपज मंडियों के पदाधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं।
नियमों में राहत
सरकार ने हाल ही में योजना के नियमों में भी राहत दी है। अब 2019 की महात्मा ज्योतिराव फुले किसान कर्जमाफी योजना के लाभार्थी भी 2 लाख रुपये तक की कर्जमाफी के पात्र होंगे। पहले उन्हें सिर्फ 50 हजार रुपये का प्रोत्साहन मिलता था। इसके अलावा अब किसानों को 2026-27 में ही कर्ज चुकाने की शर्त भी नहीं रहेगी। यदि उन्होंने पहले किसी भी दो सालों में फसल ऋण समय पर चुकाया है, तो वे भी इस योजना का लाभ उठा सकेंगे।
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