Sunday, 13 September 2026 | New Delhi, 28°C
For You Uttar Pradesh Technology World Gorakhpur Shahjahanpur Meerut Jharkhand Prayagraj Bijnor Auraiya Gopalganj Agra
Breaking
MARKETS
NIFTY 50 ₹24,520.80 ▲ +118.40 (+0.48%)
SENSEX ₹80,430.15 ▲ +432.10 (+0.54%)
BANK NIFTY ₹51,280.60 ▲ +315.80 (+0.62%)
NIFTY IT ₹41,890.30 ▲ +462.50 (+1.12%)
NIFTY AUTO ₹25,480.00 ▲ +240.20 (+0.95%)
NIFTY PHARMA ₹21,650.40 ▲ +185.30 (+0.86%)
NIFTY METAL ₹9,420.70 ▲ +112.40 (+1.21%)
RELIANCE ₹2,980.50 ▲ +25.10 (+0.85%)
TCS ₹4,250.00 ▲ +50.40 (+1.20%)
HDFC BANK ₹1,645.20 ▲ +7.40 (+0.45%)
ICICI BANK ₹1,215.30 ▲ +14.60 (+1.22%)
INFOSYS ₹1,820.10 ▲ +25.15 (+1.40%)
BHARTI AIRTEL ₹1,480.00 ▲ +18.20 (+1.24%)
ITC ₹495.60 ▲ +3.40 (+0.69%)
L&T ₹3,620.00 ▲ +42.00 (+1.17%)
SBI ₹824.50 ▲ +11.20 (+1.38%)
TATA MOTORS ₹1,090.80 ▲ +18.70 (+1.75%)
HCL TECH ₹1,680.40 ▲ +22.10 (+1.33%)
SUN PHARMA ₹1,745.00 ▲ +15.50 (+0.90%)
BAJAJ FINANCE ₹6,850.00 ▲ +75.00 (+1.11%)
MARUTI SUZUKI ₹12,450.00 ▲ +160.00 (+1.30%)
ASIAN PAINTS ₹2,950.00 ▼ -15.00 (-0.51%)
TATA STEEL ₹156.40 ▲ +2.30 (+1.49%)
NTPC ₹412.10 ▲ +7.35 (+1.82%)
POWERGRID ₹338.25 ▲ +3.15 (+0.94%)
AXIS BANK ₹1,180.50 ▲ +9.80 (+0.84%)
KOTAK MAHINDRA ₹1,795.00 ▲ +12.50 (+0.70%)
TITAN ₹3,460.00 ▲ +38.00 (+1.11%)
ULTRATECH ₹11,280.00 ▲ +145.00 (+1.30%)
M&M ₹2,840.00 ▲ +45.00 (+1.61%)
ADANI ENT ₹3,120.00 ▲ +35.00 (+1.13%)
ADANI PORTS ₹1,490.00 ▲ +21.00 (+1.43%)
BAJAJ FINSERV ₹1,620.00 ▲ +14.00 (+0.87%)
COAL INDIA ₹524.80 ▲ +12.10 (+2.36%)
ONGC ₹318.45 ▲ +5.20 (+1.66%)
WIPRO ₹515.20 ▲ +6.80 (+1.34%)
NESTLE INDIA ₹2,480.00 ▼ -8.50 (-0.34%)
TECH MAHINDRA ₹1,510.00 ▲ +20.00 (+1.34%)
JSW STEEL ₹945.00 ▲ +11.50 (+1.23%)
TATA CONSUMER ₹1,190.00 ▲ +14.00 (+1.19%)
HINDALCO ₹685.00 ▲ +9.50 (+1.41%)
GRASIM ₹2,650.00 ▲ +28.00 (+1.07%)
INDUSIND BANK ₹1,420.00 ▲ +16.00 (+1.14%)
BAJAJ AUTO ₹9,850.00 ▲ +120.00 (+1.23%)
DR REDDY ₹6,750.00 ▲ +55.00 (+0.82%)
CIPLA ₹1,540.00 ▲ +12.00 (+0.79%)
BPCL ₹345.50 ▲ +4.20 (+1.23%)
SBI LIFE ₹1,690.00 ▲ +15.00 (+0.90%)
HDFC LIFE ₹680.00 ▲ +5.50 (+0.82%)
APOLLO HOSP ₹6,480.00 ▲ +72.00 (+1.12%)
HERO MOTOCORP ₹5,320.00 ▲ +65.00 (+1.24%)
EICHER MOTORS ₹4,850.00 ▲ +58.00 (+1.21%)
DIVIS LAB ₹4,680.00 ▲ +42.00 (+0.91%)
BRITANNIA ₹5,720.00 ▼ -12.00 (-0.21%)
TRENT ₹5,640.00 ▲ +95.00 (+1.71%)
BEL ₹308.90 ▲ +6.40 (+2.12%)
BHARAT FORGE ₹1,580.00 ▲ +24.00 (+1.54%)
NASDAQ ₹17,840.15 ▲ +85.40 (+0.48%)
DOW JONES ₹39,120.40 ▼ -110.20 (-0.28%)
S&P 500 ₹5,560.20 ▲ +19.30 (+0.35%)
GOLD (10g) ₹72,450 ▲ +250 (+0.35%)
SILVER (1kg) ₹84,200 ▲ +670 (+0.80%)
BRENT CRUDE $78.20/bbl ▼ -0.35 (-0.45%)
NIFTY 50 ₹24,520.80 ▲ +118.40 (+0.48%)
SENSEX ₹80,430.15 ▲ +432.10 (+0.54%)
BANK NIFTY ₹51,280.60 ▲ +315.80 (+0.62%)
NIFTY IT ₹41,890.30 ▲ +462.50 (+1.12%)
NIFTY AUTO ₹25,480.00 ▲ +240.20 (+0.95%)
NIFTY PHARMA ₹21,650.40 ▲ +185.30 (+0.86%)
NIFTY METAL ₹9,420.70 ▲ +112.40 (+1.21%)
RELIANCE ₹2,980.50 ▲ +25.10 (+0.85%)
TCS ₹4,250.00 ▲ +50.40 (+1.20%)
HDFC BANK ₹1,645.20 ▲ +7.40 (+0.45%)
ICICI BANK ₹1,215.30 ▲ +14.60 (+1.22%)
INFOSYS ₹1,820.10 ▲ +25.15 (+1.40%)
BHARTI AIRTEL ₹1,480.00 ▲ +18.20 (+1.24%)
ITC ₹495.60 ▲ +3.40 (+0.69%)
L&T ₹3,620.00 ▲ +42.00 (+1.17%)
SBI ₹824.50 ▲ +11.20 (+1.38%)
TATA MOTORS ₹1,090.80 ▲ +18.70 (+1.75%)
HCL TECH ₹1,680.40 ▲ +22.10 (+1.33%)
SUN PHARMA ₹1,745.00 ▲ +15.50 (+0.90%)
BAJAJ FINANCE ₹6,850.00 ▲ +75.00 (+1.11%)
MARUTI SUZUKI ₹12,450.00 ▲ +160.00 (+1.30%)
ASIAN PAINTS ₹2,950.00 ▼ -15.00 (-0.51%)
TATA STEEL ₹156.40 ▲ +2.30 (+1.49%)
NTPC ₹412.10 ▲ +7.35 (+1.82%)
POWERGRID ₹338.25 ▲ +3.15 (+0.94%)
AXIS BANK ₹1,180.50 ▲ +9.80 (+0.84%)
KOTAK MAHINDRA ₹1,795.00 ▲ +12.50 (+0.70%)
TITAN ₹3,460.00 ▲ +38.00 (+1.11%)
ULTRATECH ₹11,280.00 ▲ +145.00 (+1.30%)
M&M ₹2,840.00 ▲ +45.00 (+1.61%)
ADANI ENT ₹3,120.00 ▲ +35.00 (+1.13%)
ADANI PORTS ₹1,490.00 ▲ +21.00 (+1.43%)
BAJAJ FINSERV ₹1,620.00 ▲ +14.00 (+0.87%)
COAL INDIA ₹524.80 ▲ +12.10 (+2.36%)
ONGC ₹318.45 ▲ +5.20 (+1.66%)
WIPRO ₹515.20 ▲ +6.80 (+1.34%)
NESTLE INDIA ₹2,480.00 ▼ -8.50 (-0.34%)
TECH MAHINDRA ₹1,510.00 ▲ +20.00 (+1.34%)
JSW STEEL ₹945.00 ▲ +11.50 (+1.23%)
TATA CONSUMER ₹1,190.00 ▲ +14.00 (+1.19%)
HINDALCO ₹685.00 ▲ +9.50 (+1.41%)
GRASIM ₹2,650.00 ▲ +28.00 (+1.07%)
INDUSIND BANK ₹1,420.00 ▲ +16.00 (+1.14%)
BAJAJ AUTO ₹9,850.00 ▲ +120.00 (+1.23%)
DR REDDY ₹6,750.00 ▲ +55.00 (+0.82%)
CIPLA ₹1,540.00 ▲ +12.00 (+0.79%)
BPCL ₹345.50 ▲ +4.20 (+1.23%)
SBI LIFE ₹1,690.00 ▲ +15.00 (+0.90%)
HDFC LIFE ₹680.00 ▲ +5.50 (+0.82%)
APOLLO HOSP ₹6,480.00 ▲ +72.00 (+1.12%)
HERO MOTOCORP ₹5,320.00 ▲ +65.00 (+1.24%)
EICHER MOTORS ₹4,850.00 ▲ +58.00 (+1.21%)
DIVIS LAB ₹4,680.00 ▲ +42.00 (+0.91%)
BRITANNIA ₹5,720.00 ▼ -12.00 (-0.21%)
TRENT ₹5,640.00 ▲ +95.00 (+1.71%)
BEL ₹308.90 ▲ +6.40 (+2.12%)
BHARAT FORGE ₹1,580.00 ▲ +24.00 (+1.54%)
NASDAQ ₹17,840.15 ▲ +85.40 (+0.48%)
DOW JONES ₹39,120.40 ▼ -110.20 (-0.28%)
S&P 500 ₹5,560.20 ▲ +19.30 (+0.35%)
GOLD (10g) ₹72,450 ▲ +250 (+0.35%)
SILVER (1kg) ₹84,200 ▲ +670 (+0.80%)
BRENT CRUDE $78.20/bbl ▼ -0.35 (-0.45%)
INDIA

भारत ने घोली इंसानी जिंदगी में मिठास; कितना पुराना है गन्ने से गुड़ और चीनी तक पहुंचने का इतिहास?

Ajay Tiwari
23 August 2026 0 19
भारत ने घोली इंसानी जिंदगी में मिठास; कितना पुराना है गन्ने से गुड़ और चीनी तक पहुंचने का इतिहास?

जिस चीनी के बिना आज चाय, मिठाई और कई खाने-पीने की चीजें अधूरी लगती हैं, कभी वह दुनिया की सबसे दुर्लभ और महंगी वस्तुओं में शामिल थी। इसकी कहानी सिर्फ एक फसल या खाद्य पदार्थ की कहानी नहीं है। इसके साथ खेती का विकास, नई तकनीकें, समुद्री व्यापार, औपनिवेशिक विस्तार, गुलामी, वैज्ञानिक खोज और औद्योगिक क्रांति सब जुड़े हैं। आइए जानते हैं कि कब, कहां और कैसे शुरू हुई चीनी की कहानी?

इंडियन एग्रीकल्चरल रिसर्च इंस्टीट्यूट के मुताबिक करीब 8,000 ईसा पूर्व न्यू गिनी में स्थानीय लोगों ने गन्ने को घरेलू फसल के रूप में अपनाना शुरू किया। उस समय गन्ने से आज की तरह सफेद चीनी नहीं बनाई जाती थी। लोग गन्ने को सीधे चबाते थे और उसके मीठे रस का स्वाद लेते थे।

गन्ने के रस को गर्म करने से उसमें मौजूद पानी धीरे-धीरे कम होता है और रस गाढ़ा होने लगता है। जब इस गाढ़े रस को ठंडा किया जाता है तो वह ठोस रूप ले लेता है। इसी प्रक्रिया से गुड़ तैयार होने लगा। आज गुड़ बनाना देखने में बहुत साधारण लग सकता है, लेकिन उस समय यह एक महत्वपूर्ण तकनीकी उपलब्धि थी। इससे गन्ने की मिठास को सिर्फ ताजे गन्ने या रस तक सीमित रखने के बजाय लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सकता था।

करीब 350 ईस्वी के आसपास भारत में चीनी को क्रिस्टल के रूप में तैयार करने की तकनीक विकसित हुई। गन्ने के रस को इस तरह संसाधित किया जाने लगा कि उसमें मौजूद चीनी छोटे-छोटे ठोस क्रिस्टलों के रूप में अलग हो सके। यह साधारण बदलाव नहीं था। गन्ने के रस में चीनी के साथ पानी, शीरा और दूसरे पदार्थ भी होते हैं। इसलिए केवल रस को उबालने से सफेद चीनी नहीं बनती। चीनी को बाकी पदार्थों से अलग करके क्रिस्टल बनाना और फिर उन्हें साफ करना एक अधिक जटिल प्रक्रिया थी। इसी दौर से चीनी का वह रूप विकसित हुआ जिसे हम आज दानेदार चीनी के रूप में जानते हैं। संस्कृत का 'शर्करा' शब्द भी चीनी के इतिहास में महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी से आगे चलकर कई भाषाओं में चीनी के लिए इस्तेमाल होने वाले शब्दों का संबंध जोड़ा जाता है।

भारत में विकसित गन्ने और चीनी से जुड़ी तकनीक धीरे-धीरे दूसरे क्षेत्रों तक पहुंचने लगी। करीब 600 ईस्वी तक गन्ने की खेती और उसके प्रसंस्करण की जानकारी फारस पहुंच चुकी थी। इसके बाद यह तकनीक मेसोपोटामिया और भूमध्यसागरीय क्षेत्रों तक फैली। उस दौरान चीन ने भारत से मिली जानकारी और तकनीक के आधार पर गन्ने की खेती और उससे जुड़े प्रसंस्करण के तरीके विकसित किए। इसके बाद गन्ने का सफर दक्षिणी यूरोप तक पहुंचा। 800 से 900 ईस्वी के बीच सिसिली और स्पेन जैसे क्षेत्रों में गन्ने की खेती होने लगी। करीब 900 से 1000 ईस्वी के बीच इसकी खेती साइप्रस और पूर्वी अफ्रीका के जांजीबार तक भी पहुंच गई। इस तरह गन्ना केवल एक फसल नहीं रहा। इसके साथ खेती की तकनीक, रस निकालने की विधि और चीनी बनाने का ज्ञान भी एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र तक जाता गया।

यूरोप में लंबे समय तक मिठास का सबसे बड़ा स्रोत शहद था। चीनी वहां आसानी से उपलब्ध नहीं थी। 11वीं शताब्दी में युद्धों के दौरान यूरोपीय लोग पश्चिम एशिया के संपर्क में आए और चीनी को करीब से जानने लगे। 1096 से 1099 के बीच युद्ध से लौटने वाले यूरोपीय लोग चीनी लेकर आए। उस समय इसे 'मीठा नमक' जैसे नाम से जाना जाता था। चीनी की दुर्लभता के कारण यह आम लोगों की रोजमर्रा की चीज नहीं थी। यह अमीरों, राजघरानों और विशेष वर्गों तक सीमित रहती थी। जैसे-जैसे इसकी मांग बढ़ी, वैसे-वैसे इसके उत्पादन और व्यापार को बढ़ाने की कोशिश भी होने लगी। 12वीं शताब्दी में आज के लेबनान में स्थित टायर शहर के आसपास गन्ने की खेती के बड़े क्षेत्र विकसित किए गए और वहां से यूरोप को चीनी भेजी जाने लगी।

चीनी की मांग बढ़ने के साथ उत्पादन तकनीक में भी सुधार होने लगा। 1390 के आसपास बेहतर चीनी प्रेस विकसित हुए, जिनकी मदद से गन्ने से पहले की तुलना में ज्यादा रस निकाला जा सकता था।  इसके बाद 15वीं शताब्दी में चीनी का व्यापार और तेजी से बढ़ा। 1455 से 1480 के बीच मदीरा में बड़े पैमाने पर गन्ने की खेती और चीनी का शोधन शुरू हुआ। चीनी के व्यापार के लिए बड़ी संख्या में जहाज इस्तेमाल होने लगे और यूरोप में इसके वितरण का व्यवस्थित नेटवर्क बनने लगा। अब चीनी केवल किसी खास इलाके में तैयार होने वाली वस्तु नहीं रही थी। इसके लिए खेतों से लेकर मिलों, बंदरगाहों, जहाजों और बाजारों तक की पूरी व्यवस्था विकसित होने लगी।

15वीं और 16वीं शताब्दी में चीनी की कहानी अटलांटिक के पार पहुंच गई। पुर्तगाली गन्ने को ब्राजील लेकर गए। इसके बाद ब्राजील और कैरेबियाई क्षेत्र गन्ने और चीनी उत्पादन के बड़े केंद्र बनने लगे। 1501 में हिस्पानियोला यानी आज के हैती और डोमिनिकन गणराज्य वाले क्षेत्र में पहली चीनी फसल का उल्लेख मिलता है। इसके बाद दक्षिण अमेरिका और कैरेबियाई क्षेत्रों में बड़ी संख्या में चीनी मिलें स्थापित हुईं। 1540 के आसपास ब्राजील के सांता कैटरीना द्वीप और उत्तरी तट पर बड़ी संख्या में चीनी मिलें मौजूद थीं। 16वीं शताब्दी के मध्य तक कैरेबियाई और दक्षिण अमेरिकी क्षेत्रों में हजारों चीनी मिलों के विकसित होने का उल्लेख मिलता है।

चीनी की बढ़ती मांग ने बड़े-बड़े गन्ने के बागानों को जन्म दिया। लेकिन इन बागानों को चलाने के लिए बहुत ज्यादा श्रम की जरूरत थी। औपनिवेशिक व्यवस्था में गुलाम बनाए गए लोगों से कठिन परिस्थितियों में गन्ने के खेतों और चीनी मिलों में काम कराया गया। 18वीं शताब्दी तक चीनी यूरोप की बेहद महत्वपूर्ण व्यापारिक वस्तु बन चुकी थी। इसकी मांग इतनी बढ़ गई कि ब्रिटिश और फ्रांसीसी उपनिवेशों में गन्ने की खेती बड़े पैमाने पर की जाने लगी।

गन्ना गर्म और उष्ण जलवायु में अच्छी तरह उगता है। यूरोप के ठंडे इलाकों के लिए यह समस्या थी। इसलिए वैज्ञानिकों ने ऐसी फसल की तलाश शुरू की जिससे स्थानीय जलवायु में भी चीनी बनाई जा सके। इस खोज ने चुकंदर को चीनी के दूसरे बड़े स्रोत के रूप में सामने ला दिया। 1747 में जर्मन रसायनज्ञ एंड्रियास मार्ग्राफ ने चुकंदर की जड़ में चीनी की पहचान की। उन्होंने पाया कि चुकंदर में मौजूद चीनी गन्ने से मिलने वाली चीनी के समान है। इसके बाद उनके शिष्य फ्रांज कार्ल आचार्ड ने ज्यादा चीनी वाली चुकंदर की किस्म विकसित करने पर काम किया। 1801 में चुकंदर से चीनी बनाने वाली फैक्टरी स्थापित हुई। इस विकास ने यूरोप के लिए चीनी उत्पादन का नया रास्ता खोल दिया। अब गन्ने के लिए गर्म देशों पर निर्भर रहने की जरूरत कम होने लगी।

चीनी उत्पादन में औद्योगिक क्रांति का असर भी दिखाई दिया। 1768 में जमैका में भाप से चलने वाली चीनी मिल बनाई गई। इससे गन्ने को संसाधित करने में मशीनों और भाप की शक्ति का इस्तेमाल बढ़ने लगा। इसके बाद 1813 में एडवर्ड चार्ल्स हावर्ड ने वैक्यूम पैन विकसित किया। इसमें गन्ने के रस को बंद पात्र में भाप से गर्म किया जाता था और आंशिक निर्वात का इस्तेमाल किया जाता था। इससे रस को कम तापमान पर उबालना संभव हुआ और ईंधन की बचत हुई। 19वीं शताब्दी में अपकेंद्रित्र मशीनों के इस्तेमाल ने चीनी उद्योग को फिर बदल दिया। इन मशीनों से चीनी के क्रिस्टल को शीरे से अलग करना आसान हुआ। अब चीनी बनाना केवल गन्ने के रस को उबालने की प्रक्रिया नहीं रह गया था। यह कई चरणों वाली औद्योगिक प्रक्रिया बन चुकी थी।

19वीं शताब्दी में अमेरिका में भी चुकंदर से चीनी बनाने का काम आगे बढ़ा। 1838 में डेविड ली चाइल्ड ने मैसाचुसेट्स में अमेरिका की शुरुआती चुकंदर चीनी फैक्ट्रियों में से एक स्थापित की। 1870 से 1890 के बीच अमेरिका में व्यावसायिक चुकंदर उत्पादन को बढ़ावा मिला और कैलिफोर्निया में चीनी कारखाने स्थापित होने लगे। दूसरी ओर क्यूबा गन्ने की खेती और चीनी उत्पादन का बड़ा केंद्र बन गया। लगभग 1850 तक क्यूबा की अर्थव्यवस्था में चीनी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो चुकी थी।

भारत की भूमिका केवल प्राचीन चीनी तकनीक तक सीमित नहीं रही। आधुनिक दौर में भी भारत में गन्ने की वैज्ञानिक खेती पर बड़े पैमाने पर काम हुआ। 1912 में कोयंबटूर में गन्ने की वैज्ञानिक प्रजनन प्रक्रिया शुरू हुई। अलग-अलग गन्ना प्रजातियों के बीच संकरण करके ऐसी किस्में विकसित करने की कोशिश की गई, जिनमें बेहतर पैदावार और खेती के लिहाज से उपयोगी गुण हों। इसी प्रक्रिया से Co 205 जैसी किस्म विकसित हुई। बाद में कोयंबटूर से विकसित गन्ने की कई किस्मों का इस्तेमाल भारत के बाहर भी किया गया। इससे भारत गन्ने की वैज्ञानिक प्रजनन तकनीक के क्षेत्र में महत्वपूर्ण केंद्र बन गया।

20वीं शताब्दी में चीनी उद्योग में मशीनीकरण तेजी से बढ़ा। 1938 में लुइसियाना में गन्ने की कटाई के लिए मशीनों का सफल इस्तेमाल शुरू हुआ। युद्ध के दौरान मजदूरों की कमी ने मशीनों के इस्तेमाल को और बढ़ावा दिया। 1946 तक लुइसियाना में सैकड़ों मशीनें गन्ने की कटाई कर रही थीं और वहां की फसल के बड़े हिस्से की कटाई मशीनों से होने लगी थी। गन्ने से चीनी निकालने के बाद बचने वाला रेशेदार पदार्थ बगास भी बेकार नहीं गया। इसका इस्तेमाल कागज और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में होने लगा। 1937 में पेरू में बगास से औद्योगिक स्तर पर कागज बनाने की प्रक्रिया विकसित की गई।

दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में मिठास हासिल करने के लिए दूसरे पौधों का भी इस्तेमाल हुआ। उत्तरी अमेरिका में स्थानीय लोगों ने मेपल के पेड़ के रस से सिरप और चीनी बनाना सीखा। बाद में मेपल सिरप एक बड़ा व्यावसायिक उत्पाद बन गया। अमेरिका के कुछ हिस्सों में मीठे ज्वार से सिरप बनाया गया। वहीं मक्के से कॉर्न सिरप बनाने की तकनीक विकसित हुई। इस तरह चीनी और मीठे पदार्थों का उद्योग केवल गन्ने तक सीमित नहीं रहा।

About Ajay Tiwari

Senior Editorial writer covering tech innovations, space exploration, and emerging digital trends. Delivering deep analytical insights for premium global readers.

Comments ()

LIVE
नवादा में काशीचक थाना से अवैध हथियारों के साथ अभियुक्त को गिरफ्तार, देशी कट्टा और कारतूस बरामद आईफोन डुओ बनाम गैलेक्सी जेड फोल्ड 8: क्या एपल तोड़ पाएगा सैमसंग की बादशाहत, कौन जीतेगा फोल्डेबल फोन की जंग? 25 करोड़ के IPL स्टार कैमरून ग्रीन ने की शादी, दुल्हन एमिली रेडव की खूबसूरत लुक चीन की ख़ुद की ज़रूरत क्या उसे भारत के क़रीब ला रही है? तेजस्वी यादव ने केंद्र और CM पर जoran हमला, कहा- 'डबल इंजन' में दोनों इंजन खराब कुत्ता पालने वालों के लिए अच्छी खबर, अब घर बैठे होगा रजिस्ट्रेशन, नगर निगम ने आसान की प्रक्रिया गोंडा जा रहे चंद्रशेखर की पुलिस से धक्का-मुक्की; धरने पर बैठे, काफिले पर जूते-चप्पल फेंके गए दिलजीत दोसांझ ने घोषणा की, नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 21 नवंबर 2026 को करेंगे ग्रैंड कॉन्सर्ट एआई मंथन 2.0 का समापन, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विजेताओं को किया पुरस्कृत नवादा के हिसुआ में महापंचायत को लेकर पुलिस ने दी अलर्ट, नाकाबंदी से दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को परेशानी सुपौल के वार्ड‑18 में खाली घर पर चोरों ने की 5 लाख की चोरी उधारी मांगने पर दुकानदार को डीजल डालकर जलाया, हालत नाजुक, आरोपी पिता-पुत्रों पर रिपोर्ट लखनऊ में बाइक टकराने पर बुजुर्ग की चाकू गोदकर हत्या, थाने से 50 मीटर की दूरी पर मर्डर कुदरा नदी पर अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन ने बनाई संयुक्त टीम, कादिरगंज में जलजमाव से जनता परेशान जिले में नशे के खिलाफ बड़ा अभियान, पुलिस-प्रशासन और विभागों की संयुक्त टीम ने खंगाली दुकानें जैफ़्री सैश का अनुमान: भारत 25 साल में विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, चीन के साथ एशिया का प्रभुत्व सिरौली में विधायक के समर्थन में जुटे 24 गांव, रिस्तल में खिलाफ पंचायत चार्टर्ड अकाउंटेंट पर फर्जी दस्तावेज़ से 457 करोड़ विदेश भेजे जाने का आरोप, EOU में प्राथमिकी दरगाह के मेले से लेकर गणपति उत्सव तक: 20 सालों से शोर के ख़िलाफ़ लड़ाई लड़ने वालीं सुमैरा अब्दुलाली जयपुर एयरपोर्ट पर एअर इंडिया की फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग, तकनीकी खराबी से मचा हड़कंप ज़ी कम इंटेलिजेंट होते हैं? रिपोर्ट में सामने आईं ये बातें कमरे में पकड़े प्रेमी-प्रेमिका: आधी रात युवती के घर दबोचा गया आशिक, आपत्तिजनक हाल में थे, फिर हुआ ऐसा फैसला मुक्कों से बदल रही रूढ़िवादी सोच: हरियाणा की लड़की बॉक्सिंग में कर रही है समाज से जंग लोगों ने बचाई बच्चे की जान: एक महीने से खुला है 'मौत का मुंह', बड़े हादसे का इंतजार कर रहा प्रशासन? वीडियो सऊदी पर फिर बरसीं हूती मिसाइलें, मस्जिद डैमेज, सैन्य अड्डा तबाह, अबतक 500 मौतों का दावा! बचपन की कमाई, माँ का शोषण और आत्महत्या की कोशिश मैं माफ कर सकती हूं, लेकिन भूलती नहीं" – एशिया कप फाइनल से पहले खुला दर्द DM मेधा रूपम को देना होगा 5 लाख का मुआवजा, फिर भी CJP के सौरव खुश नहीं; कर दी ये मांग PPF में निवेश से ₹2 करोड़ तक: कितना समय लगेगा? शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा के घर पधारे बप्पा; जयकारों के साथ किया जोरदार स्वागत सैलरी से 5 लाख का मुआवजा; HC के आदेश के खिलाफ SC पहुंचीं मेधा रूपम, क्या मामला? केंद्रीय कर्मचारियों के लिए CGEGIS बीमा कवरेज में 10 गुना वृद्धि की मांग फेड की बैठक, कच्चे तेल और घरेलू मुद्रास्फीति पर निर्भर शराब माफिया के घर छापेमारी करने पहुंची उत्पाद विभाग की टीम पर हमला, थानाध्यक्ष समेत कई पुलिसकर्मी घायल निजी स्कूल पर ताबड़तोड़ फायरिंग, 50 लाख की रंगदारी का पर्चा चिपकाया; CCTV में कैद हुई वारदात Joint और Deputy CEO के लिए पैनल तैयार, ट्रस्ट की मंजूरी का इंतजार पार्टी ने बंद किया 40 लाख का सहारा, टिकट के दावेदारों को झटका, प्रत्याशी खुद उठाएंगे चुनावी खर्च BRICS शिखर सम्मेलन के डिनर मेन्यू को लेकर राजनीतिक टकराव: राहुल गांधी से लेकर बीजेपी तक बिहार में बाढ़ पर सियासत: तेजस्वी बोले- 45 लाख से अधिक लोग प्रभावित, डबल इंजन सरकार के दोनों इंजनों में लगी आग रक्षा मंत्री के काफिले के लिए ट्रैफिक रोकने पर महिला ने किया विरोध, काफिले के सामने आने की कोशिश पर वीडियो वायरल नवादा में काशीचक थाना से अवैध हथियारों के साथ अभियुक्त को गिरफ्तार, देशी कट्टा और कारतूस बरामद आईफोन डुओ बनाम गैलेक्सी जेड फोल्ड 8: क्या एपल तोड़ पाएगा सैमसंग की बादशाहत, कौन जीतेगा फोल्डेबल फोन की जंग? 25 करोड़ के IPL स्टार कैमरून ग्रीन ने की शादी, दुल्हन एमिली रेडव की खूबसूरत लुक चीन की ख़ुद की ज़रूरत क्या उसे भारत के क़रीब ला रही है? तेजस्वी यादव ने केंद्र और CM पर जoran हमला, कहा- 'डबल इंजन' में दोनों इंजन खराब कुत्ता पालने वालों के लिए अच्छी खबर, अब घर बैठे होगा रजिस्ट्रेशन, नगर निगम ने आसान की प्रक्रिया गोंडा जा रहे चंद्रशेखर की पुलिस से धक्का-मुक्की; धरने पर बैठे, काफिले पर जूते-चप्पल फेंके गए दिलजीत दोसांझ ने घोषणा की, नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 21 नवंबर 2026 को करेंगे ग्रैंड कॉन्सर्ट एआई मंथन 2.0 का समापन, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विजेताओं को किया पुरस्कृत नवादा के हिसुआ में महापंचायत को लेकर पुलिस ने दी अलर्ट, नाकाबंदी से दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को परेशानी सुपौल के वार्ड‑18 में खाली घर पर चोरों ने की 5 लाख की चोरी उधारी मांगने पर दुकानदार को डीजल डालकर जलाया, हालत नाजुक, आरोपी पिता-पुत्रों पर रिपोर्ट लखनऊ में बाइक टकराने पर बुजुर्ग की चाकू गोदकर हत्या, थाने से 50 मीटर की दूरी पर मर्डर कुदरा नदी पर अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन ने बनाई संयुक्त टीम, कादिरगंज में जलजमाव से जनता परेशान जिले में नशे के खिलाफ बड़ा अभियान, पुलिस-प्रशासन और विभागों की संयुक्त टीम ने खंगाली दुकानें जैफ़्री सैश का अनुमान: भारत 25 साल में विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, चीन के साथ एशिया का प्रभुत्व सिरौली में विधायक के समर्थन में जुटे 24 गांव, रिस्तल में खिलाफ पंचायत चार्टर्ड अकाउंटेंट पर फर्जी दस्तावेज़ से 457 करोड़ विदेश भेजे जाने का आरोप, EOU में प्राथमिकी दरगाह के मेले से लेकर गणपति उत्सव तक: 20 सालों से शोर के ख़िलाफ़ लड़ाई लड़ने वालीं सुमैरा अब्दुलाली जयपुर एयरपोर्ट पर एअर इंडिया की फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग, तकनीकी खराबी से मचा हड़कंप ज़ी कम इंटेलिजेंट होते हैं? रिपोर्ट में सामने आईं ये बातें कमरे में पकड़े प्रेमी-प्रेमिका: आधी रात युवती के घर दबोचा गया आशिक, आपत्तिजनक हाल में थे, फिर हुआ ऐसा फैसला मुक्कों से बदल रही रूढ़िवादी सोच: हरियाणा की लड़की बॉक्सिंग में कर रही है समाज से जंग लोगों ने बचाई बच्चे की जान: एक महीने से खुला है 'मौत का मुंह', बड़े हादसे का इंतजार कर रहा प्रशासन? वीडियो सऊदी पर फिर बरसीं हूती मिसाइलें, मस्जिद डैमेज, सैन्य अड्डा तबाह, अबतक 500 मौतों का दावा! बचपन की कमाई, माँ का शोषण और आत्महत्या की कोशिश मैं माफ कर सकती हूं, लेकिन भूलती नहीं" – एशिया कप फाइनल से पहले खुला दर्द DM मेधा रूपम को देना होगा 5 लाख का मुआवजा, फिर भी CJP के सौरव खुश नहीं; कर दी ये मांग PPF में निवेश से ₹2 करोड़ तक: कितना समय लगेगा? शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा के घर पधारे बप्पा; जयकारों के साथ किया जोरदार स्वागत सैलरी से 5 लाख का मुआवजा; HC के आदेश के खिलाफ SC पहुंचीं मेधा रूपम, क्या मामला? केंद्रीय कर्मचारियों के लिए CGEGIS बीमा कवरेज में 10 गुना वृद्धि की मांग फेड की बैठक, कच्चे तेल और घरेलू मुद्रास्फीति पर निर्भर शराब माफिया के घर छापेमारी करने पहुंची उत्पाद विभाग की टीम पर हमला, थानाध्यक्ष समेत कई पुलिसकर्मी घायल निजी स्कूल पर ताबड़तोड़ फायरिंग, 50 लाख की रंगदारी का पर्चा चिपकाया; CCTV में कैद हुई वारदात Joint और Deputy CEO के लिए पैनल तैयार, ट्रस्ट की मंजूरी का इंतजार पार्टी ने बंद किया 40 लाख का सहारा, टिकट के दावेदारों को झटका, प्रत्याशी खुद उठाएंगे चुनावी खर्च BRICS शिखर सम्मेलन के डिनर मेन्यू को लेकर राजनीतिक टकराव: राहुल गांधी से लेकर बीजेपी तक बिहार में बाढ़ पर सियासत: तेजस्वी बोले- 45 लाख से अधिक लोग प्रभावित, डबल इंजन सरकार के दोनों इंजनों में लगी आग रक्षा मंत्री के काफिले के लिए ट्रैफिक रोकने पर महिला ने किया विरोध, काफिले के सामने आने की कोशिश पर वीडियो वायरल