शुक्रवार को जावाहरलाल नेहरू स्टेडियम में दिलजीत दोसांझ का कॉन्सर्ट लाखों दर्शकों के साथ सफल रहा, लेकिन इस कार्यक्रम को बर्बाद करने की एक साजिश का पर्दाफाश हुआ। दिल्ली पुलिस ने मेट्रो स्टेशनों पर खालिस्तान समर्थक नारों की ग्रैफिटी लिखने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार में एक महिला भी शामिल है। पुलिस की विशेष सेल के अनुसार, सभी के संपर्क में प्रतिबंधित खालिस्तानी समूह Sikhs for Justice (SFJ) के जुड़े लोग थे, जिन्हें मोटी रकम के लालच में ग्रैफिटी लिखने का काम सौंपा गया।
ग्रैफिटी दिल्ली के जहाँगीरपुर और शास्त्री नगर मेट्रो स्टेशनों पर 29‑30 अक्टूबर को देखी गई। दोनों स्थानों पर अंग्रेजी में लिखा था – “Diljit Singh Kaur Da Gaddar Khoon Da Badla SFJ Khalistan” – जो SFJ और खालिस्तान विचारधारा का समर्थन करता था।
दिल्ली पुलिस की नॉर्दर्न रेंज विशेष सेल ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच के आधार पर तीन आरोपियों की पहचान की: सुमीत उर्फ रफ्तार (30, समालखा, हरियाणा), सुमित कुमार उर्फ काका (22, डेरा बाबा नानक, गुरुदासपुर, पंजाब) और गुरप्रीत (22, माहिलपुर, होशियारपुर, पंजाब)।
जांच में सामने आया कि सुमित कुमार उर्फ काका इस साजिश का मुख्य दिमाग था। उसे लुधियाना और गुरुदासपुर में खालिस्तान समर्थक लोगों से संपर्क मिला, एक एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप डाउनलोड करने को कहा गया और SFJ के सदस्य से ग्रैफिटी के डिजाइन व टेम्पलेट प्राप्त हुए। बदले में उसे बड़ी रकम का वादा किया गया। काका ने इस काम में रफ्तार और गुरप्रीत को भी शामिल कर लिया।
तीनों ने 28 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचकर अलग‑अलग स्टेशनों पर ग्रैफिटी लिखी। रफ्तार ने जहाँगीरपुर स्टेशन पर लिखी और वीडियो बनाकर अपने हैंडलर्स को भेजा, जबकि काका और गुरप्रीत ने शास्त्री नगर स्टेशन पर समान काम किया। सभी ने पूछताछ में यह बात स्वीकार की।
रफ्तार पहले बिगो लाइव प्लेटफ़ॉर्म पर फ्रीलांस कंटेंट क्रिएटर था, जहाँ से वह टैंगो लाइव पर आया और वहीं काका से मिला। उसने 12वीं तक पढ़ाई की और आईटीआई अजितवाल में दाखिला लेकर भी पढ़ाई पूरी नहीं की।
काका का इतिहास नशे और असामाजिक गतिविधियों से जुड़ा है। वह गुरप्रीत से चार साल पहले मिला था; गुरप्रीत हरियाणा के समालखा में होटल में काम करती थी। काका ने हाल ही में व्हाट्सऐप के जरिए एक एन्क्रिप्टेड ऐप डाउनलोड करने को कहा और ग्रैफिटी के बदले पैसे की पेशकश की।
जांच में यह भी पता चला कि काका ने 30 अक्टूबर को समयपुर‑बादली थाना क्षेत्र के GTK बाईपास के पास भी खालिस्तान समर्थक ग्रैफिटी लिखी थी, जिसके लिए अलग से जांच चल रही है।
गुरप्रीत को दिल्ली लाने का बहाना शॉपिंग था, लेकिन पहुँचते ही उसे ग्रैफिटी लिखने की योजना के बारे में बताया गया। वह भी शास्त्री नगर स्टेशन पर ग्रैफिटी में शामिल हुई।
इन घटनाओं को लेकर दिल्ली पुलिस ने दो अलग‑अलग FIR दर्ज की हैं। आरोपियों के खिलाफ दिल्ली प्रिवेंशन ऑफ डिफेसमेंट ऑफ पब्लिक प्रॉपर्टी एक्ट, 2007 की धारा 3 और मेट्रो रेलवे (ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस) एक्ट, 2002 की धारा 62(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
स्पेशल सेल अब इस साजिश के पीछे मौजूद हैंडलर्स, डिजाइन स्रोत और एन्क्रिप्टेड ऐप के माध्यम से दिए गए निर्देशों के साथ जुड़े नेटवर्क की तलाश कर रही है। जांच जारी है।
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