रायबरेली। शहर के ऑटो टोरियम में जल्द ही जादूगर ओपी शर्मा का भव्य जादू कार्यक्रम आयोजित होने जा रहा है। 4 सितंबर से 20 सितंबर तक चलने वाले इस कार्यक्रम की बुकिंग शुरू हो चुकी है। आयोजकों को उम्मीद है कि शो देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग ऑडिटोरियम पहुंचेंगे।
लेकिन इस बड़े आयोजन के बीच सबसे बड़ा सवाल अब ऑडिटोरियम की जर्जर हालत और लोगों की सुरक्षा को लेकर खड़ा हो गया है।
जिस ऑडिटोरियम में कुछ ही दिनों बाद हजारों लोगों के मनोरंजन का कार्यक्रम आयोजित होने वाला है, वहां की मौजूदा स्थिति देखकर कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
ऑडिटोरियम की हालत ऐसी बताई जा रही है कि कई जगह कुर्सियां टूटी हुई हैं, बारिश के दौरान पानी टपकने की समस्या है और पूरी बिल्डिंग की हालत भी जर्जर नजर आ रही है। ऐसे में सवाल यह है कि अगर कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में दर्शक ऑडिटोरियम के अंदर मौजूद रहे तो उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन उठाएगा?
एक तरफ जादूगर ओपी शर्मा के शो की बुकिंग धड़ाधड़ शुरू हो चुकी है, वहीं दूसरी तरफ ऑडिटोरियम की व्यवस्था लोगों की चिंता बढ़ा रही है।
4 सितंबर से शुरू होकर 20 सितंबर तक चलने वाले इस कार्यक्रम में रोजाना बड़ी संख्या में दर्शकों के पहुंचने की संभावना है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक बड़ी संख्या में लोग जादू का शो देखने पहुंच सकते हैं।
ऐसे में सबसे जरूरी सवाल यह है कि क्या ऑडिटोरियम कार्यक्रम के आयोजन के लिए पूरी तरह सुरक्षित है?
अगर भवन पहले से ही जर्जर स्थिति में है, छत से पानी टपक रहा है, कुर्सियां टूटी पड़ी हैं और भवन के रखरखाव पर सवाल उठ रहे हैं तो क्या कार्यक्रम से पहले इसकी तकनीकी जांच कराई गई है?
क्या संबंधित विभाग ने ऑडिटोरियम की सुरक्षा ऑडिट कराई है?
क्या फायर सेफ्टी की व्यवस्था पूरी है?
क्या इमरजेंसी की स्थिति में दर्शकों के बाहर निकलने के पर्याप्त रास्ते हैं?
और सबसे महत्वपूर्ण सवाल—अगर कार्यक्रम के दौरान कोई हादसा होता है तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?
लोगों का कहना है कि मनोरंजन के कार्यक्रम आयोजित होना अच्छी बात है, लेकिन लोगों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
जादूगर ओपी शर्मा का शो देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के आने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन और संबंधित विभाग को चाहिए कि कार्यक्रम शुरू होने से पहले ऑडिटोरियम का पूरी तरह से निरीक्षण कराया जाए।
भवन की छत, दीवारों, फर्श, सीढ़ियों, बिजली व्यवस्था, अग्निशमन उपकरणों, आपातकालीन निकास और दर्शकों के बैठने की व्यवस्था की जांच की जानी चाहिए।
क्योंकि सवाल सिर्फ एक कार्यक्रम का नहीं है।
सवाल उन हजारों लोगों की सुरक्षा का है जो अगले कई दिनों तक इस ऑडिटोरियम में पहुंचने वाले हैं।
अगर ऑडिटोरियम सुरक्षित है तो प्रशासन को इसकी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और अगर भवन में किसी तरह की कमी है तो कार्यक्रम शुरू होने से पहले उसे दुरुस्त कराया जाना चाहिए।
कहीं ऐसा न हो कि जादू के मंच पर मनोरंजन देखने पहुंचे लोग किसी अनहोनी का शिकार हो जाएं।
इसलिए अब लोगों की निगाहें प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों पर हैं।
क्या जादूगर ओपी शर्मा के शो से पहले ऑडिटोरियम की जर्जर हालत को ठीक कराया जाएगा?
क्या सुरक्षा मानकों की जांच होगी?
क्या हजारों दर्शकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी?
या फिर जर्जर व्यवस्था के बीच ही जादू का यह बड़ा कार्यक्रम आयोजित कर दिया जाएगा?
फिलहाल बुकिंग शुरू हो चुकी है और कार्यक्रम को लेकर लोगों में उत्साह भी है, लेकिन ऑडिटोरियम की बदहाल तस्वीरें कई गंभीर सवाल जरूर खड़े कर रही हैं।
अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और 4 सितंबर से पहले ऑडिटोरियम को दर्शकों के लिए सुरक्षित बनाने की दिशा में क्या कदम उठाए जाते हैं।
अनुज मौर्य /प्रतीक सिंह रिपोर्ट
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