तारिक मंसूर का पहले से ही भाजपा और आरएसएस के नेताओं के करीबी रहे हैं। डॉ. मंसूर मौजूदा समय में यूपी विधान परिषद के सदस्य हैं। वह 2017 से 2023 तक अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर थे। एएमयू के शताब्दी वर्ष समारोह में तारिक ने पीएम मोदी को बुलाया था तो काफी हंगामा हुआ था। इसके बाद तारिक मंसूर चर्चा में आए थे। प्रो. मंसूर के बेटे की शादी में संघु प्रमुख मोहन भागवत ने भी शिरकत की थी। 2019 में जब सीएए और एनआरसी को लेकर देश में बवाल हो रहा था तो एएमयू में भी छात्र सीएए और एनआरसी को लेकर आंदोलन कर रहे थे। उस दौरान डॉ. मंसूर ने वाइस चांलसर के रूप में कैंपस के अंदर पुलिस फोर्स बुलाई थी। पहली बार ऐसा हुआ था कि अलीगढ़ यूनिवर्सिटी कैंपस के अंदर जब पुलिस फोर्स पहुंची थी। इससे पहले कभी भी एएमयू परिसर में पुलिस नहीं पहुंची थी।
प्रो. तारिक मंसूर मुस्लिमों की कुरैशी बिदारी से आते हैं। इसे मुस्लिम समुदाय में पसमांदा कहा जाता है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार डॉ. मंसूर पहले जवारलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, अलीगढ़ में सर्जरी विभाग में प्रोफेसर थे। 2023 में डॉ. मंसूर को पद्म पुरस्कार समिति के सदस्य के रूप में नामित किया गया था। वह मेडिकल काउंसलिंग ऑफ इंडिया के सदस्य भी रह चुके हैं। इसके अलावा डॉ. मंजूसर, भारतीय प्रबंधन संस्थान लखनऊ के बोर्ड ऑफ गवनर्स में शामिल रहे हैं। वह मौलाना आजाद एजुकेशन फाउंडेशन के शासी निकाय और अल्पसंख्यक शिक्षा के लिए राष्ट्रीय निगरानी समिति, शिक्षा मंत्रालय में भी डॉ. मंसूर नामित हो चुके हैं।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने संगठन में बहुप्रतीक्षित बदलाव करते हुए सोमवार को नई राष्ट्रीय टीम की घोषणा कर दी। नई टीम में उत्तर प्रदेश से आठ नेताओं को महत्वपूर्ण जम्मिेदारियां दी गई हैं। इनमें चार राष्ट्रीय पदाधिकारी और दो राष्ट्रीय मोर्चा अध्यक्ष शामिल हैं। नई टीम में रेखा वर्मा और प्रो. तारिक मंसूर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और बस्ती के पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी को राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी मिली है। डॉ. भोला सिंह और संगीता यादव को राष्ट्रीय मंत्री बनाया गया है। इसके अलावा भाजपा ने उत्तर प्रदेश के राज्यसभा सदस्य अमरपाल मौर्य को राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा का अध्यक्ष बनाया है। अमरपाल मौर्य लंबे समय तक संगठन में सक्रिय रहे हैं और पिछड़े वर्ग में पार्टी की पकड़ मजबूत करने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। अल्पसंख्यक समुदाय को संदेश देने की कोशिश के तहत कुंवर बासित अली को राष्ट्रीय अल्पसंख्यक मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया है। बासित अली उत्तर प्रदेश भाजपा में अल्पसंख्यक चेहरा रहे हैं। पार्टी के इस फैसले को मुस्लिम समुदाय के बीच संगठन की पहुंच बढ़ाने की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
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