गंगा-यमुना के बढ़ते जलस्तर ने संगम क्षेत्र की तस्वीर बदल दी है। कुछ दिन पहले तक जहां संगम की रेत पर श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई देती थी, वहां अब गंगा की लहरें हिलोरें मार रही हैं। संगम के कछार में कब्जा जमाने के बाद गंगा बुधवार सुबह बड़े हनुमान मंदिर की दहलीज तक पहुंच गईं। जलस्तर में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही तो गुरुवार को गंगा बड़े हनुमान मंदिर में दस्तक दे सकती हैं।
गंगा के बड़े हनुमान मंदिर की दहलीज तक पहुंचने की सूचना पर दोपहर से ही बंधवा पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी। संगम क्षेत्र में पानी बढ़ने के बावजूद लोग बड़े हनुमान मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचते रहे। लोग गंगा को मंदिर में प्रवेश का अद्भुत नजारा देखना चाहते थे। रात आठ बजे तक गंगा दहलीज तक ही सीमित रहीं। लगातार बढ़ते जलस्तर ने गंगा के कछारी इलाकों में रहने वालों की चिंता भी बढ़ा दी है। मंदिर में प्रवेश के बाद गंगा कछारी आबादी के नजदीक पहुंचेंगी।
गंगा-यमुना में सुबह आठ बजे तक तेजी से वृद्धि को लेकर सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता निखिल प्रसाद ने बताया कि टोंस में तेजी से बढ़े जलस्तर ने छतनाग के आगे गंगा का प्रवाह रोक दिया। पिछले 24 घंटे (सुबह आठ बजे तक) में टोंस का जलस्तर ढाई मीटर से अधिक बढ़ा। सहायक अभियंता के अनुसार टोंस का जलस्तर बढ़ता रहा तो फाफामऊ, छतनाग में गंगा और नैनी में यमुना के जलस्तर में बढ़ोत्तरी जारी रहेगी।
गंगा-यमुना के बढ़ते जलस्तर से संगम क्षेत्र की तस्वीर बदल गई है। संगम जलमग्न होने के साथ ही तीर्थ पुरोहितों ने अपने तख्त और कुटिया अब परेड मैदान पर शिफ्ट करना शुरू कर दिया है। तीर्थ पुरोहित बुधवार सुबह से ट्रैक्टरों के जरिए संगम तट से अपना सामान समेटकर परेड पहुंचने लगे। परेड मैदान पहुंचते ही तीर्थ पुरोहितों ने अपने-अपने शिविरों का निर्माण शुरू कर दिया।
देखते ही देखते मैदान में नए शिविर आकार लेने लगे। संगम क्षेत्र के फुटपाथी दुकानदार भी तीर्थ पुरोहितों के साथ अपना सामान लेकर परेड पहुंच गए। जलस्तर बढ़ने से जहां संगम क्षेत्र में गतिविधियां प्रभावित हुई हैं, वहीं परेड मैदान अब तीर्थ पुरोहितों और दुकानदारों के लिए अस्थायी ठिकाना बनता जा रहा है।
गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने संगम क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही सीमित कर दी है। सुरक्षा के मद्देनजर संगम जाने वाले चार पहिया वाहनों को परेड मैदान तक ही जाने की अनुमति दी जा रही है। इसके आगे चार पहिया वाहनों का प्रवेश रोक दिया गया है। बंधे की ओर केवल ट्रैक्टर और दोपहिया वाहनों को ही जाने दिया जा रहा है।
जलस्तर बढ़ने से संगम क्षेत्र में नदी के आसपास सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। प्रशासन की ओर से यातायात व्यवस्था को नियंत्रित कर भीड़ और वाहनों का दबाव कम करने का प्रयास किया जा रहा है। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से निर्धारित मार्ग का पालन करने तथा सावधानी बरतने की अपील की गई है।
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