Gold Price Prediction: 15 लाख रुपये होगा 10 ग्राम सोना! सोने की कीमतों में भले ही हालिया करेक्शन देखने को मिला हो, लेकिन एक अरबपति की भविष्यवाणी ने बाजार में हलचल बढ़ा दी है। सोना आने वाले सालों में मौजूदा स्तर से करीब 10 गुना तक उछल सकता है। यानी सोना भारतीय बाजार में 15 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है। अभी देश में 10 ग्राम सोने का भाव 1.50 लाख रुपये पर कारोबार कर रहा है। इंटरनेशनल मार्केट में सोना 50,000 डॉलर प्रति औंस तक जा सकता है। ये बताया कि सोने में यह तूफानी तेजी किन कारणों से आ सकती है।
क्या आने वाले सालों में 10 ग्राम सोने की कीमत 15 लाख रुपये तक पहुंच सकती है? अरबपति और इलेक्ट्रम (Electrum)के चेयरमैन थॉमस कपलान का मानना है कि सोने में अभी इतनी बड़ी तेजी बाकी है कि इसकी कीमत मौजूदा स्तर से कई गुना बढ़ सकती है। कपलान ने अनुमान जताया है कि सोना लंबे समय में 30,000, 40,000 से लेकर 50,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है। मौजूदा स्तर करीब 4,600 डॉलर प्रति औंस मानें तो 50,000 डॉलर का भाव करीब दस गुना उछाल के बराबर होगा। 95 रुपये प्रति डॉलर की दर से देखें तो यह भारतीय बाजार में करीब 15 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के बराबर बैठता है।
हालांकि, कपलान ने यह नहीं बताया है कि सोने की कीमत इस स्तर तक कब पहुंचेगी। उनका कहना है कि शॉर्ट टर्म में सोने में और गिरावट या करेक्शन देखने को मिल सकता है, लेकिन मीडियम और लॉन्ग टर्म में गोल्ड और सिल्वर में बड़ी तेजी की संभावना बनी हुई है।
2025 में सोने की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली थी। इसके बाद हाल के महीनों में गोल्ड में करेक्शन आया है। इस गिरावट ने निवेशकों के बीच यह सवाल खड़ा कर दिया कि क्या सोने का बुल रन खत्म हो चुका है। हालांकि, कपलान समेत कई ग्लोबल एनालिस्ट अभी भी लंबे पीरियड में सोने को लेकर बुलिश हैं।
कपलान मौजूदा गिरावट को बड़े बुल मार्केट के बीच आया एक सामान्य करेक्शन मानते हैं। उन्होंने इसे 1987 के उस दौर से भी जोड़ा है, जब अमेरिकी शेयर बाजार में ब्लैक सोमवार के दौरान करीब 36 फीसदी की तेज गिरावट आई थी। कपलान के मुताबिक उस समय की गिरावट बेहद बड़ी और डरावनी लग रही थी, लेकिन लंबे समय के चार्ट पर आज उसका असर बहुत छोटा दिखाई देता है।
कपलान पहले भी कह चुके हैं कि गोल्ड और सिल्वर में अगर तेज गिरावट आती है तो इसे कमजोरी के संकेत के बजाय खरीदारी के मौके के तौर पर देखा जा सकता है। उनके मुताबिक, 1987 की बाजार गिरावट पूरे बुल मार्केट में सबसे बेहतरीन खरीदारी के मौकों में से एक साबित हुई थी। उन्होंने कहा है कि सोने और चांदी की कीमतें लंबे पीरियड में मौजूदा स्तर से कई गुना बढ़ सकती हैं। हालांकि, इस सफर के दौरान निवेशकों को बड़े उतार-चढ़ाव और तेज करेक्शन का सामना करना पड़ सकता है।
कपलान का 50,000 डॉलर प्रति औंस का अनुमान बेहद बड़ा है और यह किसी तय टाइमलाइन की भविष्यवाणी नहीं है। अगर सोना इस स्तर तक पहुंचता है और डॉलर-रुपया एक्सचेंज रेट औसतन 95 रुपये प्रति डॉलर रहती है, तो इसकी कीमत भारतीय करेंसी में करीब 15 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास होगी। इसलिए 15 लाख रुपये का अनुमान एक संभावित लॉन्ग-टर्म तस्वीर है। यह निकट भविष्य के सोने के भाव का एक तय टारगेट नहीं हैं। सोने की ग्लोबल डिमांड, केंद्रीय बैंकों की खरीद, ब्याज दरों, महंगाई, भू-राजनीतिक घटनाओं और रुपये की चाल समेत कई कारकों पर निर्भर करेगी।
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