उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले योगी सरकार गांवों के विकास के कामों में तेजी ला रही है। इस बीच बुधवार को प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश भर के कमिश्नर-डीएम के साथ योजनाओं-कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक में कहा कि आदर्श ग्राम योजना के तहत बाकी बचे 5,973 गांवों का विलेज डेवलपमेंट प्लान जल्द तैयार कराएं। साथ ही जिला स्तरीय कमेटी की बैठक में एक महीने के अंदर इसे अनुमोदित भी कराएं। उन्होंने यह भी कहा है कि आदर्श ग्राम योजना के तहत 70 नंबर पा चुके 1,878 गांवों को तत्काल आदर्श ग्राम घोषित कराया जाए।
बैठक में आदर्श ग्राम योजना, लंपी स्किन डिजीज की रोकथाम, संचारी रोग नियंत्रण, इन्फ्लुएन्जा की स्थिति, बाढ़ राहत एवं बचाव कार्य तथा फार्मर रजिस्ट्री सहित विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान मुख्य सचिव ने स्पष्ट रूप से कहा कि निर्धारित समय में लंबित प्रकरणों का निस्तारण नहीं होने पर संबंधित मुख्य विकास अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी और एक महीने के भीतर पेन्डेन्सी खत्म नहीं होने पर संबंधित मुख्य विकास अधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी।
बैठक में बताया गया कि आदर्श ग्राम योजना के तहत कुल 12,382 गांवों को चुना गया है। इनमें से 6,409 गांवों के ड्राफ्ट विलेज डेवलपमेंट प्लान तैयार हैं। साथ ही 5,050 गांवों के विलेज डेवलपमेंट प्लान फाइनल किए जा चुके हैं जबकि 3,861 गांवों को आदर्श ग्राम घोषित किया जा चुका है। मुख्य सचिव ने मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर दूसरे दिन लंपी स्किन डिजीज की स्थिति की समीक्षा करें। यह सुनिश्चित करें कि पशु चिकित्सक निर्धारित समय पर चिकित्सालयों में उपस्थित रहें और गांवों में शिविर लगाकर टीकाकरण अभियान को गति दें। पशु सखी, पैरावेट और मैत्री को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान कर टीकाकरण की शत-प्रतिशत सुनिश्चितता पर विशेष ध्यान दिए जाएं।
बैठक में बताया गया कि लंपी स्किन डिजीज से अब तक 9,003 पशु प्रभावित हुए हैं, जिनका उपचार किया गया है। वर्तमान में सक्रिय मामलों की संख्या 1,430 है। प्रभावित जिलों में 606 टीमें तैनात कर 16,08,548 पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। प्रदेश मुख्यालय पर 33,81,900 लंपी स्किन डिजीज वैक्सीन आरक्षित हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने वेक्टर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए एंटी-लार्वा का छिड़काव, कीचड़ (मड) की सफाई और अन्य निरोधात्मक गतिविधियों को प्राथमिकता से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ का पानी सूखने के बाद फसल क्षति के सर्वे की कार्रवाई तत्काल प्रारंभ कराई जाए, ताकि प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजे का भुगतान समय से सुनिश्चित किया जा सके।
यूपी में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 10 ग्राम पंचायतों को 50-50 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। पहली बार मुख्यमंत्री विशेष पुरस्कार की शुरुआत की जाएगी। स्वच्छता व पर्यावरण सहित 10 श्रेणियों में ग्राम पंचायतों को परखा जाएगा। इच्छुक व पात्र ग्राम पंचायतें 15 से 30 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगी। पंचायतीराज विभाग के निदेशक अमित सिंह के मुताबिक, अभी तक पिछले नौ वर्षों से प्रत्येक जिले की पांच-पांच श्रेण ग्राम पंचायतों यानी कुल 375 ग्राम पंचायतों को पुरस्कार दिया जाता है। अब यह पहली बार है कि पहले से चल रही योजना के साथ-साथ पूरे प्रदेश में सर्वश्रेष्ठ 10 ग्राम पंचायतों को मुख्यमंत्री विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। जिसके तहत ग्राम पंचायतों का चयन 10 विशेष श्रेणियों में किया जाएगा। जिसमें घर-घर कचरा एकत्रित करना, तरल अपशिष्ट प्रबंधन, स्वयं की आय सृजित करना, प्लास्टिक मुक्त या प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन, मेरा तालाब मेरी योजना, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और कॉमन सर्विस सेंटर इत्यादि में बेहतर कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों को चुना जाएगा। फिलहाल इच्छुक ग्राम पंचायतों से आवेदन मांगे गए हैं।
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