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दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और लाठीचार्ज के विरोध में शुक्रवार को समस्तीपुर में भी छात्रों का गुस्सा सड़कों पर दिखा। बड़ी संख्या में छात्र पटेल गोलंबर से समाहरणालय तक आक्रोश मार्च निकालते हुए पहुंचे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने की मांग उठाई। संभावित प्रदर्शन को देखते हुए जिला प्रशासन पहले से अलर्ट था और पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा।
पटेल गोलंबर से समाहरणालय तक निकाला आक्रोश मार्च
विभिन्न छात्र संगठनों से जुड़े छात्र पटेल गोलंबर से रैली निकालते हुए शहर के विभिन्न मार्गों से समाहरणालय पहुंचे। यहां छात्रों ने करीब तीन घंटे तक धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बार-बार प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने से लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया है और पूरी परीक्षा व्यवस्था पर उनका भरोसा टूटता जा रहा है।
'पेपर लीक ने छात्रों का भरोसा तोड़ दिया'
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कहा कि देशभर में लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे हैं। वर्षों की मेहनत, आर्थिक बोझ और मानसिक तनाव झेलने के बाद भी परीक्षाएं रद्द हो जाती हैं। इससे लाखों युवाओं का भविष्य अधर में लटक जाता है। छात्रों का कहना था कि अगर सरकार ने समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए तो मेहनती और योग्य अभ्यर्थियों का भविष्य लगातार बर्बाद होता रहेगा।
'भेड़-बकरियों की तरह सफर करते हैं, फिर पेपर लीक से मेहनत बेकार हो जाती है'
प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि परीक्षा देने के लिए उन्हें भीड़भाड़ वाली ट्रेनों में धक्का-मुक्की के बीच सफर करना पड़ता है। कई बार भूखे-प्यासे परीक्षा केंद्र तक पहुंचते हैं, लेकिन परीक्षा के बाद जब पेपर लीक की खबर आती है तो पूरी मेहनत बेकार हो जाती है। छात्रों ने कहा कि यह केवल परीक्षा रद्द होने का मामला नहीं, बल्कि युवाओं के सपनों और भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
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'धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा जवाबदेही का संदेश होगा'
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। उनका कहना था कि पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों में अगर शीर्ष स्तर पर जवाबदेही तय होगी तो भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगेगी और सरकार की मंशा भी साफ होगी। छात्रों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।
राष्ट्रपति के नाम एसडीओ को सौंपा ज्ञापन
करीब तीन घंटे तक प्रदर्शन करने के बाद छात्रों के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने सदर एसडीओ से मुलाकात की और राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाने, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की गई।
जिला प्रशासन पहले से रहा अलर्ट
छात्र आंदोलन को देखते हुए जिला प्रशासन ने पहले ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। समाहरणालय, पटेल गोलंबर और अन्य संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई थी। पूरे प्रदर्शन के दौरान अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए रहे। प्रशासन की निगरानी में प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
प्रदर्शनकारियों ने क्या कहा
प्रदर्शनकारी छात्र नीतीश यादव ने कहा, "हम वर्षों तक तैयारी करते हैं, लेकिन हर बार पेपर लीक होने से हमारी मेहनत पर पानी फिर जाता है। अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जवाबदेही तय होनी चाहिए।" प्रदर्शनकारी छात्र आकाश कुमार ने कहा, "पेपर लीक से लाखों छात्रों का भविष्य बर्बाद हो रहा है। जब तक परीक्षा प्रणाली पारदर्शी नहीं होगी और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं होगी, हमारा आंदोलन जारी रहेगा।"
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