उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब प्रशासनिक भवन परिसर में अनशन कर रहे छात्रों ने अतिरिक्त नियंता (प्रॉक्टर) डॉ.वेद प्रकाश राय को घेर लिया। छात्रों और प्रॉक्टर के बीच तीखी बातचीत होने लगी। माहौल बिगड़ता देख प्रॉक्टर वहां से जाने लगे तो छात्रों ने उन्हें दौड़ा लिया। छात्रों के तेवर को देख तुरंत सतर्क हुए यूनिवर्सिटी के सुरक्षा गार्डों ने हमलावर छात्रों को रोक लिया। प्रॉक्टर ने इस संबंध में कैंट थाने में तहरीर भी दी है। छात्र, छात्रसंघ चुनाव न होने के बावजूद छात्रसंघ शुल्क लिए जाने, डिग्री-मार्कशीट के नाम पर छात्रों से कथित धन उगाही की जांच कराने, छात्रावासों में मेस और अन्य मूलभूत सुविधाओं की क्वालिटी सुधारने जैसी कई मांगों को लेकर पिछले 25 अगस्त से आंदोलित हैं। पहले वे धरने पर बैठे थे। चार दिन से भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि प्रॉक्टर डॉ.वेद प्रकाश राय आंदोलनरत छात्रों को प्रशासनिक गेट खोलने के लिए मना रहे थे। इसी दौरान उनके और छात्रों के बीच बात बिगड़ गई। छात्रों ने उन्हें घेर लिया। उनके बीच तीखी बातचीत होने लगी। प्रॉक्टर ने वहां से जाने की कोशिश की तो छात्रों ने उन्हें दौड़ा लिया। फिर सुरक्षा गार्डों ने बीच में आकर प्रॉक्टर को वहां से बाहर निकाला। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह स्थिति को संभाला।
घटना के बारे में डीडीयू के प्रॉक्टर डॉ.वेद प्रकाश राय ने बताया कि अनशन कर रहे छात्रों ने यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक भवन के दोनों गेट में ताला लगा दिया था। इस वजह से अंदर दफ्तरों में कर्मचारी और अन्य लोग फंस गए थे। उन्होंने बताया कि वह गेट पर लगे ताले खुलवाने के लिए छात्रों से बात कर रहे थे। इसी दौरान छात्र अचानक उग्र हो गए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कार्रवाई के लिए पुलिस को घटना की पूरी सूचना दी गई है। मामले में कैंट थाने पर उन्होंने तहरीर भी दी है।
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के छात्र नेता 25 अगस्त से प्रशासनिक भवन के सामने धरने पर बैठे थे। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने अब तक उनकी एक भी मांग नहीं सुनी है। इसे लेकर छात्र नेता सतीश प्रजापति ने चार दिन पहले भूख हड़ताल शुरू कर दी। छात्र नेताओं का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि विश्वविद्यालय के नए कुलपति उनकी समस्या का समाधान करेंगे।
छात्र नेता सतीश प्रजापति ने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। अब तक धरना दे रहा था, लेकिन अब भूख हड़ताल पर बैठ गया हूं। जब तक नए कुलपति मांगों को मान नहीं लेते तब तक भूख हड़ताल जारी रहेगा। वहीं, अन्य छात्र नेताओं ने पांच प्रमुख मांगें उठाई हैं। उनका कहना है कि छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर सवाल करने पर जिन छात्रों के खिलाफ निष्कासन की कार्रवाई की गई है, उसे तत्काल रद्द कर बहाल किया जाए। छात्रसंघ चुनाव न होने के बावजूद छात्रों से छात्रसंघ शुल्क लिए जाने पर भी छात्र नेताओं ने सवाल उठाए हैं। छात्र नेताओं ने जल्द से जल्द छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग की है।
इसके अलावा विश्वविद्यालय में कार्यरत परीक्षा एजेंसी तथा डिग्री और अंकपत्र के नाम पर छात्रों से कथित धन उगाही की जांच, छात्रावासों में मेस और अन्य मूलभूत सुविधाओं की गुणवत्ता, पीएम-उषा के तहत विश्वविद्यालय में कराए जा रहे कार्यों के आवंटन में पारदर्शिता बरतने की मांग की गई है। हड़ताल कर रहे छात्र नेताओं कहना है कि मांगें पूरी न होने तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।
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