फतेहपुर में जौहर विश्वविद्यालय के विध्वंस के मामले ने सियासत को तेज कर दिया है। एआईएमआईएम कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा। पार्टी का आरोप है कि विश्वविद्यालय पर की जा रही कार्रवाई से हजारों छात्रों का भविष्य प्रभावित होगा। फतेहपुर कलेक्ट्रेट परिसर में एआईएमआईएम के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जौहर विश्वविद्यालय विध्वंस के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जौहर विश्वविद्यालय में सभी धर्मों के छात्र शिक्षा प्राप्त करते हैं और इस तरह की कार्रवाई से हजारों विद्यार्थियों का भविष्य संकट में पड़ सकता है। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। बाद में एआईएमआईएम प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपते हुए विश्वविद्यालय से जुड़े मामले में निष्पक्ष हस्तक्षेप की मांग की। पार्टी का कहना है कि शिक्षा संस्थानों को राजनीतिक विवादों से दूर रखा जाना चाहिए और छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। फिलहाल इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है और प्रशासन ने ज्ञापन को नियमानुसार आगे भेजने की बात कही है।
जौहर विश्वविद्यालय विध्वंस पर विवाद: एआईएमआईएम का विरोध प्रदर्शन, राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा
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